हालांकि टीम इंडिया अपने मौजूदा दबदबे को तयशुदा मानकर नहीं चल सकती। फिलहाल उसके सामने टेस्ट में पहली चुनौती जहीर खान का विकल्प खोजना है। यहां तक की आज भी जहीर खान के बिना भारतीय टेस्ट टीम भारत के बाहर कमजोर नजर आती है। अगले पांच सालों तक शीर्ष पर बने रहने के लिए भारत को विदेश में ज्यादा खेलने की जरूरत है। इसके लिए उसे विश्व स्तरीय सीम गेंदबाज चाहिए होंगे। इसके अलावा भारत को अपने महान बल्लेबाजों का भी दमदार विकल्प ढूंढ़ना होगा। पिछले कुछ दिनों में विराट कोहली और रोहित शर्मा के उभरने से एक अच्छा संकेत मिला है। हालांकि इन दोनों में किसी एक को भी धुरंधर बल्लेबाजों के साथ कुछ टेस्ट में खेलने का मौका मिलना मुश्किल है।
वनडे क्रिकेट में भारत का भविष्य ज्यादा सुरक्षित नजर आ रहा है। इस प्रारूप में उससे कुछ सीनियर खिलाडि़यों के बिना भी विश्व की मजबूत टीम बने रहने की उम्मीद की जा सकती है।